हर वर्ष सितम्बर में देशों के नेता और प्रभाव रखने वाली हस्तियाँ संयुक्त राष्ट्र के न्यूयॉर्क स्थित मुख्यालय में एक पखवाड़े के लिए इकट्ठा होते हैं. इस सत्र में दुनिया भर के ज्वलन्त मुद्दों पर गहन विचार विमर्श होने के साथ – साथ अगले वर्ष के एजेंडे पर भी ग़ौर किया जाता है.

महासभा का 73वाँ सत्र सितम्बर के दूसरे पखवाड़े में शुरू हुआ और जनरल डीबेट का सत्र मंगलवार, 25 सितम्बर से. इस सत्र के दौरान हर सदस्य देश के नेता को महासभा के मंच से अपनी बात कहने का मौक़ा मिलता है.

इस व्यस्त सत्र के दौरान तमाम अन्तरराष्ट्रीय मुद्दों का ज़िक्र होता है जिनमें टिकाऊ विकास, जलवायु परिवर्तन, शान्ति और सुरक्षा, मानवाधिकार, सार्वजनिक स्वास्थ्य सम्बन्धी चिन्ताएँ और महिलाओं व पुरुषों के बीच समानता.

संयुक्त राष्ट्र महासभा के बारे में यहाँ पाँच प्रमुख बिन्दुओं के ज़रिए आप और ज़्यादा जानकारी हासिल कर सकते हैं.

1. संयुक्त राष्ट्र महासभा: एक देश, एक वोट

इस समय के सदस्य देशों की संख्या 193 है (जब 1945 में इसकी स्थापना हुई थी तो सिर्फ़ 51 देश संयुक्त राष्ट्र के सदस्य थे). मौजूदा 193 सदस्यों में से 40 प्रतिशत कम विकसित देशों या कम व मध्य आमदनी वाले हैं.

हर एक सदस्य देश को बराबर यानी एक वोट मिलता है.

महासभा में विश्व के ज्वलन्त मुद्दों पर चर्चा होने के बाद अगर आवश्यकता हो तो मतदान होता है जिसमें हर सदस्य देश को बराबर यानी एक वोट देने का अधिकार है.

संयुक्त राष्ट्र का बजट भी महासभा ही निर्धारित करती है और सुरक्षा परिषद के अस्थाई सदस्यों का चुनाव भी करती है.

इन सबके अलावा संयुक्त राष्ट्र के महासचिव पद के लिए भी चुनाव महासभा के ज़रिए ही होता है.

2. चौथी महिला अध्यक्ष

हर वर्ष का सत्र शुरू होने से पहले अध्यक्ष का चुनाव होता है.

उनका नाम है मरिया फ़रनेन्डा एस्पिनोसा.

वो इक्वेडोर की पूर्व विदेश मंत्री हैं.

पिछले 73 वर्ष में ये सिर्फ़ चौथा मौक़ा है जब कोई महिला महासभा के अध्यक्ष पद पर बैठी हैं.

किसी लातीनी अमरीकी देश से इस पद पर निर्वाचित होने वाली वो पहली महिला हैं.

महासभा की चार महिला अध्यक्षों के बारे में और ज़्यादा जानकारी यहाँ पाएँ

3. इस वर्ष का एजेंडा – वैश्विक नेतृत्व और साझा ज़िम्मेदारियाँ

हर वर्ष महासभा अध्यक्ष सदस्य देशों और महासचिव के साथ राय-मश्विरा करने के बाद सप्ताह भर चलने वाली जनरल डीबेट के मुख्य विषय निर्धारित करते हैं.

इस चर्चा में देशों के राष्ट्राध्यक्ष और सरकार अध्यक्ष अपना वक्तव्य देते हैं.

2018 की आधिकारिक थीम हैं – आम लोगों के लिए संयुक्त राष्ट्र को प्रासंगिक बनाना, वैश्विक नेतृत्व और शान्ति, समानता और टिकाऊ समाजों के लिए साझा ज़िम्मेदारियाँ.

अध्यक्ष एस्पिनोसा ने विश्व नेताओं को पत्र लिखकर इस वर्ष के मुख्य विषयों के बारे में विस्तार से जानकारी दी.

उन्होंने वैश्विक नेताओं को संयुक्त राष्ट्र की सतत प्रासंगिकता और एक साझा नज़रिये की महत्ता पर ख़ास ज़ोर दिया.

ये जनरल डीबेट 25 सितम्बर से छह दिन के लिए रखी गई.

जनरल डीबेट के बारे में और ज़्यादा जानकारी यहाँ पाएँ

4. जनरल डीबेट में ब्राज़ील पहले स्थान पर, अमरीका दूसरे और फिर बाक़ी देशों को बोलने का मौक़ा मिलता है…

जनरल डीबेट दरअसल कोई वाद-विवाद नहीं है. इसमें सदस्य देशों को अपना वक्तव्य देने का मौक़ा मिलता है. कभी अगर कोई सदस्य देश प्रश्न करता है तो उसका जवाब देने का मौक़ा भी सदस्य देश को मिलता है.

1947 से ही ब्राज़ील इस सत्र में बोलने वाला पहला देश होता है. उसकी वजह ये बताई गई है कि संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के शुरूआती वर्षों के दौरान कोई अन्य देश इस मंच से शुरू में बोलने में दिलचस्पी नहीं दिखाता था.

शुरूआती वर्षों के दौरान ब्राज़ील ने ही हमेशा सबसे पहले बोलने की इच्छा पूरी को आगे चलकर ये एक परम्परा बन गई.

दूसरा स्थान संयुक्त राज्य अमरीका (USA) के लिए निर्धारित है जो मेज़बान भी है.

उसके बाद बोलने वाले देशों को विभिन्न मानकों के ज़रिए स्थान मिलता है.

सदस्य देशों के प्रतिनिधियों से अपना वक्तव्य 15 मिनट के भीतर समाप्त करने की गुज़ारिश की जाती है लेकिन अक्सर विश्व नेता इससे भी ज़्यादा समय लेते हैं.

महासभा के दौरान सबसे ज़्यादा लम्बा भाषण अभी तक सिर्फ़ एक व्यक्ति ने दिया है – वो थे 1960 में, क्यूबा के तत्कालीन राष्ट्रपति फ़िदेल कास्त्रो. उन्होंने ये भाषण साढ़े चार घंटे तक दिया, हालाँकि वो जनरल डीबेट के दौरान नहीं था.

महासभा के एक प्रतीक चिन्ह भी है जिसे अध्यक्ष का हथौड़ा कहा जाता है. इसके बारे में ज़्यादा जानकारी यहाँ देख सकते हैं.

5.  बहुत सारे मुद्दों पर महासभा में चर्चा

जनरल डीबेट के अतिरिक्त अन्य बहुत से सत्र भी होते हैं.

73वें सत्र के दौरान 24 सितम्बर को एक उच्च स्तरीय मीटिंग भी होगी जिसमें 2030 के टिकाऊ विकास एजेंडा की वित्तीय ज़रूरतों पर विचार किया जाएगा.

इस सत्र का विस्तृत कार्यक्रम यहाँ देखा जा सकता है.

73वें सत्र का सीधा प्रसारण भी आप संयुक्त राष्ट्र टेलीविज़न (http://webtv.un.org/) पर देख सकते हैं…